
उपासक अशोक निर्वाण जी
मार्गदर्शक टोली
कौमी मुसाफिर बाबा प्रभाती संगठन (रजि.)
परिचय
उपासक अशोक निर्वाण जी का जन्म 6 अक्टूबर 1953 को सावित्री देवी और डॉक्टर गंगाराम निर्वाण जी के प्रतिष्ठित परिवार में हुआ। बचपन से ही उनका जीवन संघर्षपूर्ण रहा। आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों के बीच उन्होंने शिक्षा और सेवा के पथ पर दृढ़ता से कदम बढ़ाया। सरकारी सेवा में नियुक्ति के उपरांत भी उन्होंने शिक्षा को महत्व दिया और संध्या कॉलेज, श्याम लाल कॉलेज, शाहदरा, दिल्ली से अपनी पढ़ाई जारी रखी। सुबह 8 बजे मादीपुर स्थित अपने निवास से निकलकर रात्रि 11 बजे तक की कठिन दिनचर्या में वे नौकरी और शिक्षा दोनों में सफलता प्राप्त करते रहे। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ में उनकी सक्रिय भूमिका रही। वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में अनेक पदक जीतकर उन्होंने अपनी वक्तृत्व क्षमता का लोहा मनवाया।
ट्रेड यूनियनों में विभिन्न पदों पर कार्य करते हुए उन्होंने श्रमिक हितों की रक्षा की। अनुसूचित जाति एवं जनजाति संगठनों में वे उच्च पदों पर आसीन रहे, जिनमें Delhi Scheduled Castes Welfare Association तथा डॉ. अंबेडकर भवन के उपाध्यक्ष पद प्रमुख हैं।
समाज सेवा के क्षेत्र में उन्होंने श्री शिव मंदिर एवं खटीक समाज धर्मशाला ट्रस्ट, करोल बाग के अध्यक्ष के रूप में उल्लेखनीय कार्य किए। उनके कुशल नेतृत्व में यह संस्थान समाज के बीच और अधिक लोकप्रिय हुआ। साथ ही वे अखिल भारतीय खटीक समाज (पंजी. S31375) के दिल्ली प्रदेश महामंत्री और अखिल भारतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष के पद पर भी आसीन हैं।
मान्यवर कांशीराम जी और कोमी मुसाफ़िर प्रभाती जी के मार्गदर्शन में उन्होंने सामाजिक न्याय और जागरूकता की दिशा में कार्य किया। वर्तमान में वे सिद्धार्थ एजुकेशन सोसायटी (पंजीकृत) और डॉ. निर्वाण शिक्षा प्रतिष्ठान के चेयरमैन के पद पर कार्यरत हैं।
उनका संपूर्ण जीवन समाज सेवा, शिक्षा और दलित उत्थान को समर्पित रहा है। वे आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं।