
श्री रामधन खींची (लाला राम खींची) जी
सदस्य
कौमी मुसाफिर बाबा प्रभाती संगठन (रजि.)
परिचय
रामधन खींची उर्फ़ लाला राम का जन्म 26 जनवरी 1956 को दिल्ली के कोटला मुबारकपुर में हुआ था। उनके पिता भोरीलाल खींची का पितृक गाँव राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के खिरनी गांव में था। उनकी माता का नाम राधा देवी था। प्राथमिक शिक्षा उन्होंने नगर निगम विद्यालय, बापू पार्क से शुरू की, फिर पांचवीं से आठवीं तक की पढ़ाई डिफेंस कॉलोनी के राजकीय बाल विद्यालय से की, और नौवीं की शिक्षा आर्य समाज विद्यालय, लोधी रोड से पूरी की। कोटला से उन्होंने फल विक्रेता के रूप में अपना कार्य जीवन शुरू किया।
खींची जी धार्मिक, सत्संगी, सरल और हंसमुख स्वभाव के व्यक्ति हैं। आपातकाल के दौरान वह शकूरपुर आ गए और वहीं आपकी कर्मभूमि बनी। खटीक समाज के विभिन्न संगठनों में आपने महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं। 2021 और 2022 में खटीक समाज विकास परिषद के प्रधान बने और समाज के युवाओं को शिक्षा में प्रोत्साहित करने के लिए 26 जनवरी 2021 को शकूरपुर धर्मशाला में बच्चों का सम्मान भी किया।
पूर्व में उपप्रधान के रूप में आपने कई सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लिया, जैसे संत दुर्बलनाथ महाराज की भव्य शोभायात्रा।
वर्तमान में आप संत देवगिरी महाराज, बागरेन आश्रम और दिल्ली प्रदेश खटीक समाज के उपाध्यक्ष पदों पर कार्यरत हैं।
आपके मार्गदर्शक बाबा साहेब अम्बेडकर, संत देवगिरी महाराज, संत दुर्बलनाथ महाराज और कौमी मुसाफिर बाबा प्रभाती रहे हैं। समाज सेवा के साथ-साथ आप भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता भी हैं और अनुसूचित जाति मोर्चा के मण्डल अध्यक्ष रह चुके हैं। आपने सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और पंचायतों में निष्पक्ष निर्णय लेने में भी अपना योगदान दिया है।