कौमी मुसाफिर बाबा प्रभाती

"शिक्षा और राजनीति ही सफलता की कुंजी हैं, जिनसे हर समस्या का समाधान संभव है"

श्री भजनलाल बड़गुर्जर--khatik-samaj-history-खटीक-समाज-(Khatik Samaj)-kaumimusafirbabaprabhati-kuldeep-baberwal

श्री भजनलाल बड़गुर्जर जी

मार्गदर्शक टोली
कौमी मुसाफिर बाबा प्रभाती संगठन (रजि.)

परिचय

भामाशाह श्री भजनलाल बड़गुर्जर जी के प्रेरणादायी जीवन, सेवा-भावना और समाज के प्रति उनके अविस्मरणीय योगदान को सुंदर और भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत करता है। यह न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और परिश्रम की कहानी है, बल्कि उनके अद्भुत दानवीरता, धार्मिक आस्था और समाज-निर्माण के प्रति समर्पण का भी प्रमाण है।


1937 में भरतपुर जिले के वैर गांव में जन्मे श्री भजनलाल जी ने 1945 में दिल्ली आकर जीवन का संघर्ष आरंभ किया। मालीगिरी से शुरुआत कर निर्माण क्षेत्र में एक सफल ठेकेदार बने। यह युवाओं के लिए प्रेरणा है कि मेहनत, ईमानदारी और लगन से असंभव भी संभव होता है। जैसे दानवीर महाराज भामाशाह ने महाराणा प्रताप की सहायता की थी, वैसे ही भजनलाल जी ने संत दुर्बलनाथ आश्रम, बांदीकुई में 8000 वर्ग फुट का आधुनिक सत्संग भवन बिना किसी सेंटर कॉलम के, एक करोड़ की लागत से बनवाने का बीड़ा उठाया। यह अद्वितीय तकनीकी और धार्मिक समर्पण का मेल है । आपने समाज सेवा के विविध आयाम बनाये, जैसे मंदिरों और विद्यालयों का निर्माण, वाटर कूलर की स्थापना, सामूहिक विवाहों में सहयोग, धार्मिक संस्थानों को निरंतर आर्थिक सहायता इत्यादि।