
श्री राजेंद्र प्रसाद खितौलिया जी
संरक्षक
कौमी मुसाफिर बाबा प्रभाती संगठन (रजि.)
एक प्रेरणादायी जीवन परिचय
श्री राजेंद्र प्रसाद खितौलिया जी का जन्म 4 जून 1957 को उत्तर प्रदेश के ग्राम कोलुआ, तहसील जगनेर, जिला आगरा में एक साधारण एवं संघर्षशील परिवार में हुआ। आर्थिक अभावों में पले-बढ़े श्री खितौलिया जी ने जीवन की प्रत्येक चुनौती को कर्म, ईमानदारी और सेवा-भाव के साथ स्वीकार किया।
आपके पिता स्वर्गीय श्री होतीलाल खितौलिया एवं माता श्रीमती प्रेमवती जी ने 11 संतानों के पालन-पोषण में अपार कठिनाइयों का सामना किया। ऐसे वातावरण में बचपन से ही श्री खितौलिया जी में जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और आत्मनिर्भरता के गुण विकसित हुए। बाल मजदूरी से जीवन की शुरुआत करते हुए उन्होंने शिक्षा, सेवा और अनुशासन को अपना मार्ग बनाया।
दिल्ली आगमन के बाद उन्होंने अपनी अधूरी शिक्षा को पुनः प्रारंभ किया।
- NIOS से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की
- IGNOU से स्नातक (Graduation) की डिग्री प्राप्त की
बैंकिंग सेवा में अनुकरणीय योगदान
वर्ष 1982 में उन्होंने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (वर्तमान में पंजाब नेशनल बैंक) में चपरासी के पद से अपने करियर की शुरुआत की। निरंतर परिश्रम, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर वे मुख्य खजांची के पद तक पहुँचे और 2017 में सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हुए।
लगभग 35 वर्षों की निष्कलंक बैंकिंग सेवा के दौरान उन्हें कई अवसरों पर ईमानदारी, पारदर्शिता और उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
सामाजिक एवं संगठनात्मक योगदान
श्री राजेंद्र प्रसाद खितौलिया जी ने सामाजिक सेवा को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाया। दिल्ली प्रदेश खटीक समाज (रजि.) में
- कोषाध्यक्ष
- जिलाध्यक्ष
- प्रदेश अध्यक्ष
जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया
वर्तमान में दिल्ली प्रदेश खटीक समाज (रजि.) के अध्यक्ष के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं कौमी मुसाफिर बाबा प्रभाती के मिशन और विचारधारा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया
दिल्ली के मदनगीर क्षेत्र की 42 नंबर गली का नाम “बाबा प्रभाती (कौमी मुसाफिर) मार्ग” रखवाने में प्रमुख भूमिका निभाई
समाज सुधार, शिक्षा, एकजुटता एवं सामाजिक चेतना के लिए अनेक पहलें आरंभ कीं सामाजिक एवं राजनीतिक जागरूकता के माध्यम से समाज को संगठित कर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों के समर्थन हेतु सक्रिय भूमिका निभाई
विशेष रूप से अप्रैल 2024 में आयोजित रामवीर सिंह बिधूड़ी समर्थन सम्मेलन के ऐतिहासिक आयोजन में निर्णायक योगदान दिया
पूर्व में खटीक समाज की विभिन्न संस्थाओं में जिम्मेदार पदों पर रहते हुए निरंतर सेवा की
श्री राजेंद्र प्रसाद खितौलिया जी का जीवन संघर्ष से सफलता, सेवा से नेतृत्व और ईमानदारी से सम्मान की एक सशक्त मिसाल है। वे न केवल समाज के लिए एक मार्गदर्शक हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत भी हैं।